साल 2007 में आई मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म Dhamaal ने दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म में रितेश देशमुख को रोल कैसे मिला? निर्देशक इंदर कुमार को एक ऐसा एक्टर चाहिए था जो मासूमियत और कॉमिक टाइमिंग का बेजोड़ मेल हो। रितेश देशमुख उस समय तक मस्ती और क्या कूल हैं हम जैसी फिल्मों से अपनी कॉमेडी स्किल्स दिखा चुके थे। यही कारण था कि जब इंदर कुमार ने धमाल की स्क्रिप्ट तैयार की, तो उन्होंने सबसे पहले रितेश को कॉल किया और उन्हें “रॉय” के किरदार के लिए अप्रोच किया।
स्क्रिप्ट पढ़ते ही हां बोल दी थी रितेश ने
रितेश देशमुख ने जब धमाल की स्क्रिप्ट पढ़ी तो उन्हें यह इतनी मजेदार लगी कि उन्होंने तुरंत इस फिल्म के लिए हां कर दी। खास बात यह थी कि इस फिल्म में उनका किरदार बाकी तीनों दोस्तों से बिल्कुल अलग था — थोड़ा सीधा, थोड़ा डरपोक लेकिन बेहद प्यारा। रितेश ने बताया था कि इस फिल्म की सबसे खास बात इसकी स्क्रिप्ट और टीम थी। वह अरशद वारसी, जावेद जाफरी और आशीष चौधरी जैसे को-स्टार्स के साथ काम करने को लेकर बहुत उत्साहित थे क्योंकि सभी कलाकार कॉमिक जॉनर में माहिर थे।
शूटिंग के दौरान हंसी रोकना मुश्किल हो जाता था
धमाल की शूटिंग के दौरान सेट पर माहौल इतना मस्ती भरा होता था कि कई बार टेक बीच में रोकना पड़ता था क्योंकि कलाकार खुद अपनी हंसी नहीं रोक पाते थे। रितेश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कई बार ऐसा हुआ कि डायलॉग बोलने से पहले ही किसी की हंसी छूट जाती थी। खासतौर पर जावेद जाफरी का कैरेक्टर “लल्लनप्रसाद” और उनकी हरकतों पर पूरा सेट ठहाकों से गूंज उठता था। यही वजह थी कि इस फिल्म का हर फ्रेम कॉमेडी से भरा हुआ था।
धमाल की सफलता और रितेश की लोकप्रियता
धमाल ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया। फिल्म की कसी हुई स्क्रिप्ट, पंचलाइन और एक से बढ़कर एक कॉमिक सीन ने इसे क्लासिक कॉमेडी फिल्मों की लिस्ट में ला खड़ा किया। रितेश देशमुख का किरदार “रॉय” दर्शकों को इतना पसंद आया कि जब सीक्वल डबल धमाल बना, तो उन्हें फिर से कास्ट किया गया। इस फिल्म ने साबित कर दिया कि रितेश केवल रोमांटिक हीरो नहीं बल्कि कॉमिक रोल्स में भी उतने ही असरदार हैं।
धमाल टीम की दोस्ती और ऑफस्क्रीन बंधन
फिल्म धमाल की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसकी टीम में गहरी दोस्ती और समझ थी। रितेश, अरशद, आशीष और जावेद जाफरी के बीच शानदार तालमेल था, जो स्क्रीन पर साफ नजर आता है। रितेश ने कहा था कि यह फिल्म उनके करियर के सबसे यादगार प्रोजेक्ट्स में से एक है, जहां उन्होंने एक्टिंग से ज्यादा जिंदगी को एंजॉय किया। धमाल सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जो आज भी उनके दिल के बेहद करीब है।