फिल्म ‘Saathiya’ 2002 में रिलीज हुई एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसने Rani Mukerji को बॉलीवुड की एक मशहूर और प्रिय अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। इस फिल्म ने रानी के करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें इस फिल्म का रोल कैसे मिला और इसके पीछे क्या दिलचस्प बातें हैं? चलिए जानते हैं।
शुरुआती दौर और मौके की तलाश
रानी मुखर्जी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1996 में की थी, लेकिन उनका पहला बड़ा ब्रेक फिल्म ‘Kuch Kuch Hota Hai’ (1998) से आया, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित किया। हालांकि, ‘Saathiya’ उनके लिए एक ऐसा प्रोजेक्ट था जो उन्हें मुख्यधारा में और भी ऊंचाईयों तक ले गया।
फिल्म ‘Saathiya’ मूल रूप से तमिल फिल्म ‘Alaipayuthey’ की रीमेक थी, और इसे मनिष शर्मा ने डायरेक्ट किया था। इस फिल्म के लिए मुख्य अभिनेत्री की तलाश चल रही थी जो भूमिका के अनुरूप पूरी तरह फिट बैठती हो। निर्देशक और प्रोड्यूसर्स ने रानी मुखर्जी को इस रोल के लिए चुना क्योंकि वे जानते थे कि रानी की एक्टिंग में वह जादू है जो इस किरदार को जीवंत बना सकता है।
कैसे मिला रानी को रोल?
रानी मुखर्जी को इस रोल के लिए कई कलाकारों के बीच से चुना गया था। एक दिलचस्प बात यह है कि फिल्म के निर्माता आदित्य चोपड़ा ने रानी की प्रतिभा और स्क्रीन प्रजेंस को देखकर उन्हें यह रोल ऑफर किया। रानी ने भी फिल्म की कहानी और किरदार की गहराई को समझा और इस प्रोजेक्ट के लिए पूरी लगन से तैयार हो गईं।
यह रोल उनके लिए खास इसलिए भी था क्योंकि इसमें एक प्यार करने वाली पत्नी की भूमिका थी, जिसमें भावनाओं का सुंदर मिश्रण था। रानी ने इस भूमिका को निभाने के लिए अपनी पूरी क्षमता लगाई और किरदार को दिल से जिया।
फिल्म की शूटिंग और तैयारी
‘Saathiya’ की शूटिंग के दौरान रानी मुखर्जी ने अपने किरदार के साथ पूरी तरह घुलमिल कर काम किया। फिल्म में उनकी केमिस्ट्री अभिषेक बच्चन के साथ काबिल-ए-तारीफ थी। दोनों की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
रानी ने फिल्म में अपने अभिनय और डांस दोनों पर खास ध्यान दिया। फिल्म के गानों को लेकर भी उन्होंने पूरी मेहनत की, खासकर ‘चौबीस घंटे’ और ‘सच कहूं’ जैसे लोकप्रिय गीतों में उनका परफॉर्मेंस काफी सुर्खियां बटोरने वाला रहा।
फिल्म की सफलता और प्रभाव
‘Saathiya’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और रानी मुखर्जी की लोकप्रियता आसमान छूने लगी। इस फिल्म ने उन्हें मुख्यधारा की अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया और उनके अभिनय को खूब सराहा गया। फिल्म के लिए रानी को कई पुरस्कार भी मिले।
फिल्म की कहानी, निर्देशन, संगीत और रानी का अभिनय सभी ने मिलकर इसे एक क्लासिक फिल्म बना दिया। रानी ने अपने किरदार को इतनी खूबसूरती से निभाया कि यह फिल्म आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है।
