फिल्म ‘Bekhudi’ (1992) हिंदी सिनेमा की एक रोमांटिक ड्रामा थी जिसने काजोल के करियर की शुरुआत में ही उनकी अभिनय प्रतिभा को प्रदर्शित किया। यह फिल्म काजोल की पहली प्रमुख भूमिका थी और इसके जरिए उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनानी शुरू की। लेकिन क्या आप जानते हैं कि काजोल को इस फिल्म में रोल कैसे मिला और फिल्म से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से क्या हैं? आइए जानते हैं।
काजोल की शुरुआत और ‘बेहुदी’ का महत्व
काजोल बचपन से ही फिल्मों में आना चाहती थीं क्योंकि उनका परिवार फिल्मी पृष्ठभूमि से जुड़ा था। उनके पिता, तेजाजी मुखर्जी, एक फिल्म निर्माता थे और मां, तानी मुखर्जी, एक अभिनेत्री थीं। ऐसे में काजोल के लिए फिल्मों में कदम रखना स्वाभाविक था।
फिल्म ‘बेहुदी’ में काजोल का चयन उनके अभिनय कौशल और उनकी युवा ऊर्जा के कारण हुआ। निर्देशक करन सिंह ग्रोवर ने एक ऐसी अभिनेत्री की तलाश की जो अपनी पहली फिल्म में ही कैमरे पर सहज और आकर्षक लग सके। काजोल की ऑडिशन देने की प्रक्रिया में उनके आत्मविश्वास और अभिनय ने उन्हें यह रोल दिलाया।
काजोल को रोल मिलने की कहानी
जब ‘बेहुदी’ की कास्टिंग हो रही थी, तो काजोल ने अपने अभिनय की योग्यता का प्रदर्शन किया। उन्हें इस फिल्म में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया क्योंकि उनके किरदार में एक मासूमियत के साथ-साथ गहराई भी थी, जिसे काजोल ने बखूबी निभाया।
काजोल ने इस फिल्म को अपने करियर की एक बड़ी शुरुआत माना और पूरी मेहनत से अपने किरदार में ढल गईं। उनकी यह भूमिका युवा दर्शकों के बीच खासा लोकप्रिय हुई।
‘बेहुदी’ की कहानी और काजोल का किरदार
फिल्म ‘बेहुदी’ की कहानी एक युवा प्रेम कहानी है, जिसमें काजोल ने एक मासूम और भावुक लड़की का किरदार निभाया। फिल्म में उनकी भूमिका एक ऐसी लड़की की है जो प्रेम में खो जाती है और अपने जज्बातों के बीच संघर्ष करती है।
काजोल ने इस भूमिका में अपनी भावनाओं को बहुत सहज और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों को किरदार से जुड़ने में आसानी हुई। उनकी एक्टिंग में एक प्राकृतिकपन था जो उनके किरदार को जीवंत बना गया।
‘बेहुदी’ से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से
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पहली बड़ी चुनौती: काजोल के लिए ‘बेहुदी’ उनकी पहली फिल्म थी, इसलिए यह उनके करियर की पहली बड़ी चुनौती थी। उन्होंने इस रोल को निभाने के लिए पूरी तैयारी की।
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शूटिंग के दौरान का अनुभव: फिल्म की शूटिंग के दौरान काजोल ने कई नई चीजें सीखीं और फिल्म इंडस्ट्री की असलियत को समझा।
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संगीत का प्रभाव: फिल्म का संगीत भी खासा पसंद किया गया, खासकर गीत ‘तुम्हें जो देखी’ जिसने फिल्म की लोकप्रियता को बढ़ावा दिया।
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काजोल की चमक: ‘बेहुदी’ ने काजोल को एक नई स्टार के रूप में स्थापित किया और उन्होंने बाद में कई हिट फिल्मों में काम किया।

