1990 में रिलीज़ हुई फिल्म Kishen Kanhaiya को लेकर शुरुआत में सबसे बड़ी चर्चा ये थी कि इस फिल्म की कहानी पहले अमिताभ बच्चन को ध्यान में रखकर लिखी गई थी। निर्देशक राकेश रोशन इस फिल्म में डबल रोल के लिए किसी ऐसे अभिनेता को कास्ट करना चाहते थे जो कॉमेडी और इमोशन दोनों में माहिर हो। लेकिन उस समय अमिताभ कई फिल्मों में बिजी थे और यह रोल उन्होंने मना कर दिया।
अनिल कपूर का नाम कैसे आया सामने?
जब अमिताभ ने मना किया तो राकेश रोशन की तलाश शुरू हुई ऐसे एक्टर की जो डबल रोल में जान डाल सके। तभी निर्माता की नजर अनिल कपूर पर पड़ी। उस वक्त अनिल कपूर फिल्म Tezaab, Ram Lakhan और Eeshwar जैसी फिल्मों से काफी पॉपुलर हो चुके थे और उनके अभिनय की रेंज काफी प्रभावशाली मानी जाती थी। राकेश रोशन ने अनिल कपूर से स्क्रिप्ट शेयर की और डबल रोल का ऑफर दिया। अनिल को कहानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने तुरंत हां कर दी।
डबल रोल निभाना था चुनौतीपूर्ण
Kishen Kanhaiya में अनिल कपूर को जुड़वां भाइयों किशन और कन्हैया का रोल निभाना था। जहां एक भाई मंदिर में पला-बढ़ा होता है, वहीं दूसरा रंगीन दुनिया में। ये रोल न सिर्फ शारीरिक तौर पर बल्कि मानसिक रूप से भी काफी अलग थे। अनिल कपूर ने इस चैलेंज को स्वीकार किया और अपने अभिनय से दोनों किरदारों में फर्क को शानदार तरीके से निभाया। उन्होंने किरदारों की बॉडी लैंग्वेज, हावभाव और बोलने के अंदाज़ को भी अलग रखा।
शूटिंग के दौरान क्या हुआ खास?
फिल्म की शूटिंग के दौरान कई दिलचस्प किस्से सामने आए। एक सीन में जहां किशन और कन्हैया एक-दूसरे से भिड़ते हैं, उस दृश्य को शूट करने के लिए कैमरे और डुप्लीकेट टेक्निक का जबरदस्त इस्तेमाल किया गया। कई बार अनिल कपूर को एक सीन के लिए दो अलग-अलग कॉस्ट्यूम में बार-बार शूट करना पड़ता था। उन्होंने यह भी बताया कि इस फिल्म के दौरान उन्हें फिजिकली और मेंटली बहुत थकावट होती थी लेकिन स्क्रीन पर रिजल्ट देखकर मेहनत सफल लगती थी।
फिल्म हुई ब्लॉकबस्टर और अनिल बने डबल रोल के मास्टर
Kishen Kanhaiya बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। फिल्म के गाने, कहानी और खासकर अनिल कपूर का डबल रोल लोगों को खूब पसंद आया। इसके बाद अनिल कपूर को कई और डबल रोल फिल्मों के ऑफर मिले। इस फिल्म ने यह भी साबित कर दिया कि अनिल सिर्फ रोमांटिक या एक्शन हीरो नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस ओरिएंटेड डबल रोल में भी कमाल कर सकते हैं।