फिल्म ‘Parinda’ (1989) भारतीय सिनेमा की एक यादगार क्राइम ड्रामा है जिसने न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि अपने दमदार अभिनय और कहानी के लिए भी तारीफें बटोरीं। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ ने अहम भूमिका निभाई, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें यह रोल कैसे मिला? आइए जानते हैं फिल्म ‘परिंदा’ से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें और जैकी श्रॉफ की इस फिल्म में एंट्री की कहानी।
फिल्म ‘परिंदा’ की शुरुआत और जैकी श्रॉफ का चयन
‘परिंदा’ के निर्देशक, राम गोपाल वर्मा, जो उस वक्त नए थे, उन्होंने एक दमदार और सच्चे मुंबई अंडरवर्ल्ड की कहानी को पर्दे पर लाने का फैसला किया। इस फिल्म में मुख्य किरदार के लिए एक ऐसे अभिनेता की तलाश थी जो अपने अभिनय में गहराई और निखार ला सके। जैकी श्रॉफ उस दौर के जाने-माने अभिनेता थे और उनके काबिलियत को राम गोपाल वर्मा ने पहचाना।
दरअसल, जैकी श्रॉफ के चयन की कहानी कुछ यूं है कि राम गोपाल वर्मा ने जब ‘परिंदा’ की स्क्रिप्ट तैयार की तो उन्होंने कुछ प्रमुख अभिनेताओं से संपर्क किया। लेकिन जब वर्मा ने जैकी को इस रोल की पेशकश की, तो जैकी ने स्क्रिप्ट पढ़ी और फिल्म की गंभीरता को समझा। उन्होंने तुरंत इस भूमिका को स्वीकार कर लिया क्योंकि उन्हें यह चुनौती भरी और अलग तरह की फिल्म लग रही थी।
जैकी श्रॉफ की भूमिका और उनकी तैयारी
‘परिंदा’ में जैकी श्रॉफ ने अपराध की दुनिया में फंसे एक युवा की भूमिका निभाई जो अपने भाई को अपराध से दूर रखना चाहता है। यह किरदार काफी जटिल था और इसके लिए जैकी ने गहन अध्ययन किया। उन्होंने मुंबई के अंडरवर्ल्ड की जिंदगी को समझने के लिए कई लोगों से बातचीत की। साथ ही, उन्होंने अपने किरदार में ईमानदारी और सच्चाई लाने के लिए खुद को पूरी तरह से उसमें डुबो दिया।
फिल्म के सेट पर जैकी का रवैया बहुत प्रोफेशनल था। वे हमेशा अपनी भूमिका के प्रति गंभीर और समर्पित नजर आते थे। उनकी मेहनत और समर्पण ने फिल्म को एक नया मुकाम दिया।
फिल्म ‘परिंदा’ के कुछ दिलचस्प किस्से
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अमिताभ बच्चन का समर्थन: राम गोपाल वर्मा ने एक बार कहा था कि अमिताभ बच्चन ने ‘परिंदा’ के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया था और कहा था कि यह फिल्म बॉलीवुड में क्रांति ला सकती है। अमिताभ ने जैकी श्रॉफ और अन्य कलाकारों की खूब तारीफ की।
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स्थानीय माहौल: फिल्म की शूटिंग में राम गोपाल वर्मा ने मुंबई के असली इलाकों का इस्तेमाल किया था, जिससे फिल्म में रियलिज्म झलकता है। इस वजह से कलाकारों को असली माहौल में काम करना पड़ा।
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अजय देवगन की पहली मुख्य भूमिका: इस फिल्म ने अजय देवगन को एक मुख्य अभिनेता के रूप में स्थापित किया। उनके दमदार प्रदर्शन ने फिल्म को और भी यादगार बनाया।
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असली मुंबई अंडरवर्ल्ड से प्रेरणा: ‘परिंदा’ की कहानी असली मुंबई अंडरवर्ल्ड से प्रेरित थी। राम गोपाल वर्मा ने उस समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को फिल्म में बखूबी दर्शाया।

