फिल्म ‘Dilwale Dulhania Le Jayenge’ यानी DDLJ को कौन नहीं जानता। इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा में एक नई मिसाल कायम की थी। शाहरुख खान और काजोल की जोड़ी ने दिल जीत लिया था लेकिन इसके साथ ही एक और किरदार सबके दिल में बस गया था और वह था अमरीश पुरी का। अमरीश पुरी ने सिमरन के सख्त लेकिन दिल के साफ पिता बलराज चौधरी का किरदार निभाया था। क्या आप जानते हैं कि अमरीश पुरी को यह रोल कैसे मिला?
यश चोपड़ा की पसंद थे Amrish Puri
DDLJ के डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा थे लेकिन उनके पिता यश चोपड़ा खुद इस फिल्म के निर्माण में बहुत सक्रिय थे। यश चोपड़ा पहले से ही अमरीश पुरी के काम के बड़े प्रशंसक थे। अमरीश पुरी ने पहले यश चोपड़ा की ‘चांदनी’ और ‘लम्हे’ जैसी फिल्मों में काम किया था। यश जी को अमरीश पुरी का परफॉर्मेंस हमेशा सशक्त लगता था। जब आदित्य चोपड़ा ने DDLJ की स्क्रिप्ट तैयार की तो बलराज चौधरी के लिए उन्हें एक ऐसे अभिनेता की जरूरत थी जो सख्त भी लगे लेकिन अंत में दिल से बेटी की खुशी को समझने वाला भी लगे।
पहले नहीं थे राजी अमरीश पुरी
दिलचस्प बात यह है कि जब अमरीश पुरी को रोल ऑफर हुआ तो पहले उन्होंने मना कर दिया था। उनका कहना था कि वह ज्यादातर फिल्मों में खलनायक का रोल निभाते हैं और यह रोल थोड़ा अलग है। अमरीश पुरी को लगा कि उनके फैंस उन्हें इस रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन आदित्य चोपड़ा और यश चोपड़ा ने मिलकर उन्हें मनाया। उन्होंने कहा कि इस रोल में ग्रेविटी है और यह कहानी का एक मजबूत स्तंभ है।
अमरीश पुरी ने बदली एक्टिंग की धारा
जब अमरीश पुरी ने यह रोल स्वीकार किया तो उन्होंने अपने खलनायक वाली छवि से हटकर एक बेहद इमोशनल और स्ट्रॉन्ग पिता का किरदार निभाया। फिल्म में उनका डायलॉग ‘‘जा सिमरन जा, जी ले अपनी ज़िंदगी’’ आज भी लोगों की जुबान पर है। इस रोल ने अमरीश पुरी की एक्टिंग में एक नया मोड़ ला दिया और साबित किया कि वह सिर्फ विलेन ही नहीं बल्कि हर किस्म का किरदार निभा सकते हैं।
फिल्म के और दिलचस्प किस्से
DDLJ के सेट पर अमरीश पुरी का अनुशासन बहुत मशहूर था। वह समय के बेहद पाबंद थे और शूटिंग के दौरान सभी कलाकारों को भी वक्त का महत्व सिखाते थे। शाहरुख खान खुद मानते हैं कि अमरीश पुरी के साथ काम करना उनके लिए सीखने का बड़ा मौका था। फिल्म के कई इमोशनल सीन में अमरीश पुरी खुद भावुक हो जाते थे और डायरेक्टर को रीटेक की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनका किरदार असल में सख्त पिता के पीछे छुपी नरमी को दिखाता था और यह संतुलन अमरीश पुरी ने बखूबी निभाया।